वाक्-स्वतंत्रता पर चर्चा

तेरह भाषाएँ. दस सिद्धांत. एक वार्तालाप.

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1हम सभी इंसानों को सीमाओं की परवाह करे बिना, अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए, और सूचना के आदान प्रदान के लिए पूरी तरह स्वतन्त्र और सक्षम होना चाहिए.»
2हमें इन्टरनेट और संचार के अन्य माध्यमो को निजी और सार्वजनिक शक्तियो के नाजायज़ अतिक्रमण से बचाना होगा.»
3हमें खुले और विविध संचार माध्यमो की आवश्यकता है ताकि हम सूचित निर्णय ले सकें और राजनैतिक जीवन में पूरी तरह भाग ले सकें.»
4हम सभी प्रकार के मानव अंतरो के बारे में खुलकर और सभ्यता के साथ बोलते हैं.»
5हम चर्चा और ज्ञान के प्रसार में कोई भी प्रतिबंधो की अनुमति नहीं देते»
6हम न तो हिंसा की धमकी देते हैं और न ही दूसरो से हिंसा की धमकी स्वीकार करते हैं.»
7हम हर आदमी का सम्मान करते हैं भले ही हम उनके हर विचार से सहमत न भी हो.»
8हम सब एक नीजी जीवन के हकदार है, पर जनहित में हमें किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार रहना चाहिए.»
9हमें किसी भी मुद्दे पर बहस को संकुचित किये बगैर अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करने की क्षमता क्षमता होनी चाहिए.»
10हमें राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और नैतिकता के आधार पे मुक्त अभिव्यक्ति पर लगायी गई सभी सीमाओं को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए.»

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मुख्य (होम) | अभिलेख | Thailand
King Bhumibol Adulyadej of Thailand's 82nd birthday (Photo by Athit Perawongmetha/Getty Images)

Criticism of the Thai king

US blogger Joe Gordon was sentenced to two and a half years in a Thai prison for publishing links on his blog to an unauthorised biography of Thailand’s King Bhumibol Adulyadej. A case study by Maryam Omidi.

पर प्रकाशित: फरवरी 6, 2012 | सिद्धांत 9 | टिप्पणियाँ: 1


'वाक्-स्वतंत्रता पर चर्चा' ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट एंटनी कॉलेज में स्वतंत्रता के अध्ययन पर आधारित दह्रेंदोर्फ़ कार्यक्रम के अंतर्गत एक अनुसन्धान परियोजना है. www.freespeechdebate.com